Shighrapatan Kya Hai

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Shighrapatan Kya Hai

शीघ्रपतन या शीघ्र स्खलन क्या है?

Shighrapatan, Premature Ejaculation, Early Discharge

शीघ्र स्खलन की स्थिति में संभोग के समय, स्वाभाविक समय से कम समय में वीर्य का स्खलन हो जाता है। शीघ्र स्खलन एक ऐसा योग है, जो ‘चरम सुख’(Orgasm) की पूर्ति नहीं होने देता है। जब तक कुछ संभोगों में आधे या उससे अधिक बार स्त्री को चरम सुख तक न पहुंचाया जा सकता हो, तो इसे शीघ्रपतन पतन कहेंगे।

कई ‘कामशास्त्री’ शीघ्रस्खलन की परिभाषा दूसरे प्रकार से करते हैं। उनके अनुसार, पुरूष यदि योनि में शिश्न प्रवेश करने के बाद 30 सैकेण्ड से 1 मिनट तक स्खलन को रोक ना पाये, तो उस दशा को शीघ्र स्खलन कहते हैं।

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कुछ ‘सेक्स विशेषज्ञ’ स्खलन एवं चरमसुख में समय को महत्वपूर्ण नहीं मानते। उनके विचार से पति-पत्नी का चरम यौन सुख ही महत्वपूर्ण है। संभोग के समय चाहे कुछ क्षण लगे अथवा कुछ घण्टे, यदि किसी सहभागी को चरम सुख नहीं मिलता है, तो यह शीघ्र स्खलन माना जायेगा। यदि शारीरिक व मानसिक दृष्टि से स्वस्थ व्यक्ति संभोग करता है और 3-4 सैकेण्ड तक संभोगरत होकर स्खलित हो जाता है तथा नारी चरम सुख तक नहीं पहुंचती है, तो पुरूष शीघ्र स्खलन का रोगी होगा। इसी प्रकार यदि नारी, पुरूष के शिश्न प्रवेश के उपरान्त कुछ ही क्षण में चरम सुख प्राप्त कर ले और उसके बाद पुरूष के घर्षण के प्रति विरोध करे, तो नारी शीघ्र स्खलन की दोषी होगी।

शीघ्र स्खलन के कारण-

कुछ लोग धातुक्षीणता, धातुदौर्बल्य आदि शीघ्रपतन का कारण मानते हैं, किन्तु यह धारणा भ्रामक है। वीर्य का गाढ़ा पतला होने पर शीघ्र स्खलन अथवा पुरूषत्व पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। कुछ सेक्स विशेषज्ञों का मानना है कि शीघ्र स्खलन का मूलतः कारण मानसिक होता है।
वहीं कुछ सेक्स विशेषज्ञों का कथन है कि शीघ्रपतन होने के कारणों के पीछे, बचपन की बुरी आदतें, बुरी संगत, अश्लील विचार व वातावरण, पोर्न अधिक देखना, लड़कियों व स्त्रियों को हमेशा बुरी दृष्टि से देखना, अप्राकृतिक मैथुन(हस्तमैथुन) का सहारा लेकर वीर्य नष्ट करना इत्यादि कारण है।

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शीघ्रपतन दूर करने के आयुर्वेदिक उपाये-

Shighrapatan Kya Hai

1. मन्थन रस 1 गोली, कामचुड़ामणि रस 1 गोली, शतावरी चूर्ण 2 ग्राम, कौंच बीज का चूर्ण 2 ग्राम(वैद्य द्वारा शोधित होना चाहिए), जातिफल चूर्ण 250 मि.ग्रा.।
ऐसी 1 मात्रा दिन में 2 बार शहद से पीड़ित को दें, बहुत लाभ होगा, वीर्य देर से निकलेगा।

2. अश्वगंधारिष्ट 4-4 चम्मच दिन में 2 बार खाने से पहले जल में मिलाकर लें। शीघ्रपतन में आराम मिलेगा और संभोग में आनंद की प्राप्ति होगी।

3. वानरीपाक 1-1 चम्मच दिन में 2 बार दूध से लें।

4. बसन्तकुसुमाकर रस 1 गोली, शुद्ध शिलाजीत 500 मिग्रा., अश्वगंधा घनसत्व 500 मिग्रा.।
ऐसी 1 मात्रा दिन में 2 बार सुबह-शाम दूध से लें।

5. अश्वगंधारिष्ट 4-4 चम्मच दिन में 2 बार भोजन से पहले बराबर जल मिलाकर लें।

6. फलावलेह 1-1 बड़ा चम्मच दिन में 2 बार दूध से लें।

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7. श्रीगोपाल तेल, अश्वगंधा तेल व मालकांगनी तेल बराबर मिलाकर रोजाना दिन में 2 बार लिंग पर मालिश करें।

8. रसायन चूर्ण 2 ग्राम, शतावरी चूर्ण 1 ग्राम, कौंचा चूर्ण(शुद्ध) 1 ग्राम, अश्वगंधा चूर्ण डेढ़ ग्राम। ऐसी 1 मात्रा दिन में 2 बार जल से लें।

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इस हिदी ब्लाॅग में स्त्री/पुरूष (Male/Female) के गुप्त रोग (Gupt Rog) और सेक्स समस्या (Sex Problem) का इलाज (Treatment ) की पूरी जानकारी दी गई है। 9211166888
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Chetan Anmol Sukh
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