Shadi Se Pehle Or Baad Ki Kamjori

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Shadi Se Pehle Or Baad Ki Kamjori

शादी से पहले और बाद की कमज़ोरी

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अधिकतर सेक्स संबंधी समस्यायें व गुप्त रोग बचपन की गलतियों के कारण ही उपन्न होती हैं, जो वैवाहिक जीवन को भी प्रभावित करती हैं। शादी से पहले बचपन व युवा उम्र में कई गई गलतियां कई प्रकार की सेक्स कमजोरियों को जन्म देता है, जोकि कई बार शादी के बाद भी बनी रहती हैं। विवाहे से पूर्व तो फिर भी सेक्स समस्याओं का असर व परिणाम नजर नहीं आता, किन्तु विवाह के पश्चात् पत्नी के सामने ये सारी समस्यायें खुलकर आने लगती हैं और विवाहिक जीवन का सफर डांवाडोल होने लगता है।

शादी से पहले और शादी के बाद की कमज़ोरी की चिकित्सा-

Shadi Se Pehle Or Baad Ki Kamjori

1. कस्तूरी 1 ग्राम, स्वर्ण भस्म आधा ग्राम तथा लौंग, जावित्री, जायफल, केसर, शुद्ध गन्धक प्रत्येक 4 ग्राम, शुद्ध मकरध्वज 2 ग्राम। सबको मिलाकर ब्राण्डी 125 मि.लि. और अदरक का रस 150 मि.लि. में खरल करके चने के आकार की गोलियां बना लें। सुबह-शाम 1-1 गोली गाय के दूध के साथ प्रयोग करें। 40 दिन तक यह योग निरंतर प्रयोग करने से नपुंसकता दूर हो जायेगी।

2. कौंच के बीज, जावित्री, जायफल, असगन्ध नागौरी, सौंठ, लौंग, सफेद मूसली, काली मूसली, बीजबन्द, शतावर, पिपली, मुनक्का(बीज निकला हुआ), नारियल की गिरी, मीठे बादाम, नागकेसर, काली मिर्च, छुहारे, ईसबगोल, चिरौंजी प्रत्येक 50 ग्राम, देसी घी आधा किलो, मिश्री ढाई किलो। सब औषधियों को कूट-पीसकर कपड़छान करने के बाद घी में भून लें। इसके बाद मिश्री की ढीली चाशनी बनाकर उसमें सब औषधियां मिला लें। तत्पश्चात् चाँदी और सोने के वर्क में मिलाकर रख लें। 10 से 20 ग्राम खाकर ऊपर से दूध पी लें। शादी से पहले व शादी के बाद की कमज़ोरी की सफल चिकित्सा है।

3. केसर, मालकांगनी, लौंग, अफीम, जायफल, हरमल(स्पन्द), भांग के पत्ते भूने हुए समभाग मिलाकर शहद की सहायता से उड़द के दाने के बराबर गोलियां बना लें।
आधा ग्राम संभोग से पहले खायें। शादी से पहले व शादी के बाद की कमज़ोरी में अत्यधिक लाभप्रद है। इसे लगातार प्रयोग न करें। कभी-कभी प्रयोग करें।

4. बढ़ के नर्म और सुर्ख पत्तों का चूर्ण थोड़े गाय के घी में मामूली भून लें। फिर 6 से 9 ग्राम हलवे में मिलाकर खायें। शीघ्रपतन के लिए लाभदायक है। स्थायी लाभ होगा।

5. शादी से पहले व शादी के बाद की कमज़ोरी- पुराना नारियल, मालकांगनी, अम्बा हल्दी, हाथी दाँत का बुरादा समभाग लेकर चूर्ण बना लें। 10 ग्राम तिल्ली का तेल मामूली गर्म करके 5 मिनट तक लिंग का मुंह और जड़ छोड़कर टकोर करें। लिंग की कमज़ोरी के लिए फायदेमंद है।

6. मालकांगनी, गाजर के बीज, अकरकरा प्रत्येक 14 ग्राम केसर, लौंग प्रत्येक 7 ग्राम, हरमल 10 ग्राम, खशखाश, काले तिल, प्रत्येक 60 ग्राम- गाय का घी, मधु प्रत्येक 50 ग्राम, मुर्गी के पांच अण्डों की जर्दी।
मधु, घी और अण्डों की जर्दियां मिलाकर चने के आकार की गोलियां बना लें। 1-1 गोली दूध के साथ लें। शादी से पहले व शादी के बाद की कमज़ोरी में लाभप्रद है।sex ki kamjori ke upay

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7. मस्तगी, मोचरस, जावित्री, माजू, जायफल, मिश्री, अफीम, नागकेसर, गुग्गुल शुद्ध, केसर, सुपारी छालिया, दाना छोटी इलायची, तवाशीर, अजवायन, खुरासानी प्रत्येक 3 ग्राम। बारीक पीसकर लुआब बीदाना की सहायता से चने के आकार की गोलियां बना लें। एक गोली मामूली गर्म दूध से लें। यदि बजाय लुआब बीदाना के पान के पत्तों के रस में खरल करें तो लाभप्रद है।

8. शुद्ध कस्तूरी 1 मि.ग्रा., हरमल 3 ग्राम पीसकर उड़द के दाने के बराबर की गोलियां गुड़ की सहायता से बना लें। प्रतिदिन 4 गोलियां मामूली गर्म दूध से लें। शादी से पहले व शादी के बाद की कमज़ोरी में लाभप्रद है।

9. कीकर की कच्ची फलियों का शीरा निकाल कर उसमें उड़द की साबुत दाल इतनी डालें कि शीरा दो अंगुल ऊपर रहें। जब शीरा शुष्क हो जाये तो उड़द के दानों को हाथों में मलकर छिलका उतार लें और अच्छी प्रकार पीसकर शुद्ध घी में भून लें। इसके बाद उसमें आवश्यकतानुसार बादाम की गिरी और खांड मिलाकर चूर्ण बना लें। 20 से 40 ग्राम दूध से लें। शादी से पहले व शादी के बाद ही कमज़ोरी में बहुत लाभप्रद है।

10. मोमियाई खालिस, मस्तगी रूमी, सच्चे मोती, तवाशीर, लौंग, जावित्री, जायफल, बहमन लाल, बहमन सफेद, दालचीनी, शकाकल मिश्री, सौंठ, दरून्ज अकरबी, ऊद हिन्दी, ऊद सलीब, सालब मिश्री, जदबारखताई प्रत्येक 6 ग्राम, अम्बर व मुश्क प्रत्येक 1 ग्राम, सोने के वर्क 50 नग।
सफेद मोती, अम्बर व मुश्क को अलग-अलग अर्क बेदमुश्क में घोले। फिर शेष सब औषधियां भी मिला लें। यह 40 साल के बाद की कमज़ोरी की प्रभावी चिकित्सा है। 1-2 गोली मामूली गर्म दूध के साथ लें। अति सफल योग है।

11. गोखरू, तालमखाना, असगन्ध, शतावर, मूसली, केंवाच के बीज, मुलहेठी, खरेंटी, गंगेरू। सबको समान मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें। फिर आठ गुना दूध में कलई की हुई कड़ाही में डालकर खोया बनायें।
खोये का चैथाई भाग घी लेकर उसमें इस खोये को भूनें और शक्कर या मिश्री मिलाकर 10-10 ग्राम की गोलियां बना लें।
1-1 गोली दूध के साथ दोनों समय प्रयोग करने से ओज, तेज, पौरूष और बल वीर्य की वृद्धि होती है।

12. भाँग 1 ग्राम, काली मिर्च 3 नग पानी में पीसकर पिलायें। शादी से पहले व शादी के बाद की कमज़ोरी में लाभप्रद है। लेकिन इसे कभी-कभी प्रयोग करना चाहिए।

13. धुली हुई उड़द की दाल साफ करने के बाद घी में हल्की गुलाबी होने तक भूनें। इसके बाद गाय के दूध में गाढ़ा होने तक पकायें। इसमें घी और शहद मिलाकर प्रयोग करने से प्रचण्ड स्तम्भन शक्ति उत्पन्न होती है और एक ही पुरूष अनेक कामनियों को तृप्त कर सकता है।

14. सफेद प्याज का रस 8 मि.ली., अदरक का रस 6 मि.ली., असली शहद 4 मि.ली0, शुद्ध देसी घी 3 ग्राम। चारों को मिलाकर प्रातःकाल दो मास तक प्रयोग करने से नामर्द भी मर्द बन जाता है।

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