Sex के लिए क्या है सही Age? Sex Ke Liye Kya Hai Sahi Age

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आज की एडवांस और फास्ट आधुनिक लाइफ में तो सेक्स के मायने ही बदल गये हैं। आज के वर्तमान में सेक्स के लिए सही उम्र की बात करें, तो आज सेक्स की कोई निश्चित व तय उम्र ही नहीं रह गई है, क्योंकि आज के दौर में तो कम उम्र के नादान बच्चे भी सेक्स के लिए तत्पर और उत्सुक रहते हैं। फिर भी अगर इन बातों को अनदेखा करके सेक्स की सही उम्र की बात की जाये, तो सेक्स यानी संभोग करने की सही उम्र वह होती है, जब कोई लड़का या लड़की बालिग हो। उन्हें यह मान्यता मेडिकल तौर पर होनी चाहिए।
बालिग अवस्था में ही हमारी बाॅडी में ऐसे बदलाव होने लगते हैं, जो हमें अपने आॅपोज़िट सेक्स की ओर आकर्षित करते हैं। ये शारीरिक बदलाव होने पर ही मन में सेक्स की इच्छा तीव्र होने लगती है। सेक्स के समय व्यक्ति बहुत आनंद का अनुभव करता है, लेकिन इसके कुछ बुरे प्रभाव भी हैं, जिनसे बचने के लिए हमें इसकी पूरी व सही जानकारी होनी चाहिए। पूरी जानकारी और समझ होने पर ही ही इसके बुरे परिणामों से बचाव हो सकता है।
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सेक्स के नकारात्मक प्रभाव :
जब तक लड़कियां अपने शारीरिक अनुपात के अनुसार पूरी तरह परिपक्व न हो चुकी हों और उनकी पूरी तरह से सेक्स में रूचि न हो या उन्हें कभी इसकी इच्छा न हुई हो, तब तक उन्हें संभोग बिल्कुल नहीं करना चाहिए। चिकित्सा विज्ञान के अनुसार भी यह बात बिलकुल सही है, क्योंकि अगर वे ऐसा न मानकर सेक्स करती हैं, तो उन्हें भविष्य में गर्भ से संबंधित परेशानियों का सामाना करना पड़ सकता है।
अगर अल्प आयु में ही कोई लड़की सेक्स कर लेती है, तो उसे सरवाईकल कैंसर जैसी बीमारी का सामना भी करना पड़ सकता है, जोकि बहुत ही घातक बीमारी है।
आज के वर्तमान दौर में दो मुद्दे बेहद खास हो गये हैं। पहला सेक्स करने की सही उम्र कितनी होनी चाहिए और दूसरा सेक्स कितनी उम्र तक के लोग कर सकते हैं। हर जगह इस विषय पर चर्चा होती ही रहती है। सेक्स के बारे में जो निष्कर्ष निकले हैं या जिन लोगों की आम राय है, उसके अनुसार 60 वर्ष की आयु तक कोई भी व्यक्ति अपने पार्टनर के साथ सेक्स कर सकता है। लेकिन चिकित्सा विज्ञान के अनुसार इसकी उम्र और भी बढ़ सकती है। इस उम्र के आगे भी लोग सेक्स करने की क्षमता रख सकते हैं।
सेक्स का सही ज्ञान :
स्त्री और पुरुष दोनों में सेक्सुअल तरीके पूरी तरह भिन्न हैं।
पुरुष:
पुरुषों में कामेच्छा की भावना या यूं कह सकते हैं कि सेक्स के लिए होने वाली उत्तेजना बहुत ही कम उम्र में प्रारम्भ हो जाती है। पुरुष में सन्तान पैदा करने के क्षमता 13 वर्ष से 16 वर्ष की आयु के मध्य आरम्भ हो जाती है। इस उम्र के दौरान उनमें बहुत से शारीरिक बदलाव होने लगते हैं। 18 वर्ष की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते वे सेक्स की सभी क्रियाओं में माहिर हो जातें हैं। उन्हें सेक्स की सभी कलाओं का ज्ञान हो जाता है।
लड़के 18 साल की उम्र पार करके जब 30 साल की उम्र तक पहुंचते हैं, तब तक वे सेक्स की कला में पूरी तरह परिपक्व हो जाते हैं। इस उम्र में पुरूष लगातार दो बार स्खलित होने की क्षमता रखते हैं। लेकिन 40 की उम्र होते-होते, इनमे सेक्सुअल कमी आनी शुरू हो जाती है।
उनकी कामेच्छा कम होने लगती है और संभोग क्रिया भी ठंडी पड़ने लगती है। इसी तरह उम्र के अगले पड़ाव यानी 50 के उम्र होते ही उनकी सेक्स उत्तेजना, उनकी जवानी की उम्र की लगभग आधी रह जाती है। इस उम्र में वे सेक्स के लिए इतने उत्सुक व जिज्ञासु नहीं रहते हैं। उनकी सेक्स के प्रति रूचि कम होने लगती है।
जैसे-जैसे आदमी की उम्र बढ़ती है, वैसे ही उनकी सेक्स के प्रति रूचि भी कम होती चली जाती है। इसमें कुछ उनकी शारीरिक कमियों के कारण हो जाता है और कुछ उनकी इन्द्रियों में कमी आने के कारण हो जाता है। इसके अलावा जिन व्यक्तियों में सेक्स के प्रति रूचि कम हो जाती है, उनकी कमी का सबसे बड़ा कारण होता है, उनकी मानसिक कमजोरी। इसके लिए उनकी शारीरिक कमजोरी दोष-रहित होती है। जिन व्यक्तियों की सेक्स उत्तेजना कम हो जाती है या फिर स्खलन क्रिया शीघ्र हो जाती है, उनमे 60 प्रतिशत कारण मानसिक कमजोरी होती है।
स्त्रियां:
पुरूषों के विपरीत स्त्रियों में सेक्स क्षमता और संतान पैदा करने की शक्ति, पुरुषों से पहली ही आ जाती है। स्त्रियों में पुरुषों की अपेक्षा 2 साल पहले ही यौवन शुरू हो जाता है। उनमे यौवन 14 या 15 वर्ष की उम्र में प्रारम्भ हो जाता है। स्त्रियों में सेक्स से उत्तेजित होकर आने वाली भावना, पुरुषों से भिन्न होती है और यह उत्तेजना कम होने की उम्र भी पुरुषों से अलग होती है। स्त्रियों में यह बदलाव मेनोपोज(रज्जोनिवृत्ति) तक धीरे-धीरे होता है। ऐसा होने की उम्र लगभग 40 से 55 तक की है। इसके बाद जो परिवर्तन होते हैं, वे बहुत भिन्न प्रकार के होते हैं।
ये बदलाव या परिवर्तन बड़े ही विचित्र अंदाज के होते हैं। ये बदलाव स्त्रियों में सेक्स की इच्छा को समाप्त कर देते हैं। इसके बाद उनमें सेक्स के प्रति की कोई रूचि नहीं रहती है। यह होने के बाद वे सामान्य तरीके से सेक्स का आनंद नहीं ले सकती हैं। लेकिन वर्तमान में कुछ विचारों और चिकित्सा विज्ञान यानी मेडिकल साईंस के अनुसार इसके बाद भी सेक्स का आनंद लिया जा सकता है। एक उम्र हो जाने के बाद भी स्त्रियां सामान्य तरीके से सेक्स का मजा उठा सकती हैं।
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