कामशक्ति की कमी

मनुष्य का बुढ़ापा कामशक्ति का सबसे बड़ा शत्रु है। जबकि बुढ़ापा भी कामशक्ति के ही अति प्रयोग के कारण आता है। ‘‘व्यवायो वार्धक्यानाम्’’ अर्थात् मनुष्य शरीर में बुढ़ापे को आमन्त्रित करने वाले सभी कारणों में मैथुन सबसे बड़ा और प्रमुख कारण है। लक्षण: मैथुन की इच्छा न करना, दिल में बेचैनी एवं घबराहट, अविश्वासी होना, […]

शुक्राणुओं की कमी Low Sperm Count

कई पुरूषों को यौन संबंधी कोई रोग नहीं होता तथा सहवास के समय उनके लिंग में उत्तेजना व तनाव भी सामान्य व्यक्ति जैसा ही होता है। संभोग शक्ति भी पूर्ण होती है किन्तु उनके वीर्य में संतान उत्पन्न करने वाले शुक्राणु या तो बिल्कुल ही नहीं होते या बहुत ही कमजोर एवं मंद गति से […]

संतानहीनता Infertility

प्राचीन समय से इस सभ्य समाज ने जो स्त्री-पुरूष के विवाह-बंधन की व्यवस्था की थी उसका प्रमुख उद्देश्य यही है कि प्रत्येक स्त्री-पुरूष मिलकर संतान उत्पन्न करें और अपना वंश आगे बढ़ायें। कुदरत के जीवन-मरण नियम के आधार पर भी संतान उत्पन्न होना जरूरी है क्योंकि संतान न होने पर सारा संसार चक्र ही ठहर […]

नामर्दी (Namardi)

आज के आधुनिक युग में नौजवानों में प्रकृति के नियमों के खिलाफ चलने की आदत बन गई है। बहुत से नौजवानों में हस्तमैैथुन, गुदामैथुन तथा अन्य अप्राकृतिक मैथुन करने की प्रवृति बढ़ रही है। ऐसे कुकर्माे से वीर्य की फिजूल बर्बादी, लिंग की नसों में खराबी, लिंग पर दाने व फुंसियां बन जाने की शिकायत […]

शीघ्रपतन (शर्मिंदगी देने वाला) Shighrapatan, early discharge

संभोग क्रिया में जब पुरूष का स्त्री को बिना संतुष्ट किए ही वीर्य निकल जाता है, इस स्थिति को शीघ्रपतन का रोग कहते हैं। आज के माहौल में पुरूषों द्वारा अत्यधिक मात्रा में वीर्य बर्बाद कर लेने से और लिंग की नसों में कमजोरी बन जाने से मस्तिष्क का काम सम्बन्धी केन्द्र दुर्बल पड़ जाता […]

स्वप्नदोष (शरीर को खोखला बनाने वाला) Night Fall

जब किसी व्यक्ति को हस्तमैथुन से बनी हुई कमजोरियां महसूस होने लगती हैं तो वह तंग आकर इस आदत को छोड़ने की कोशिश करता है, जिससे वह अपने हाथों पर तो काबू पा लेता है, लेकिन मन पर नहीं पाता। मन केे रोमांटिक ख्यालों में घिरा रहता है और नींद की हालत में सुन्दर स्त्री […]

हस्तमैथुन (मर्दाना कमज़ोरी का पहला क़दम) (Hastmathun karna)

हस्तमैथुन एक ऐसा नशा है जिसे व्यक्ति मन से चाहते हुए भी आसानी से नहीं छोड़ पाता। ऐसी बात नहीं है कि हस्तमैथुन की आदत केवल युवकों को ही होती है, यह लत तो सर्वव्यापी है, इस आदत के शिकार वह पुरूष भी हैं जो अपनी पत्नी से दूर रहकर नौकरी या कामकाज करते है […]

यौवन (Sperm)

यौवन मनुष्य के जीवन का वह नाजुक भाग है। जिसको बहुत कम लोग ही समझते है इस काल में शरीर के अंग-अंग में जोश होता है। यदि इस काल में नवयुवक अपनी इच्छाओं को अपने वश में रखता है और संयम में रहता तो फिर उसे घबराने की कोई जरूरत नहीं होती। लेकिन प्रायः देखा […]

अनेक रोगों की दवा – सैक्स (Sex Relation)

सैक्स अनेक रोगों की दवा भी है। जहां विवाहित जीवन में सैक्स एक-दूजे के बीच सुख, आनंद, अपनापन लाता है, वहीं एक-दूजे के स्वास्थ्य एवं सौदर्य को भी बनाए रखता है। सैक्स से शरीर में अनेक प्रकार के हार्मोन उत्पन्न होते हैं, जो शरीर के स्वास्थ्य एवं सौंदर्य को बनाए रखने में सहायक होते हैं। […]

संभोग कितनी बार करना चाहिए? (Sambhog)

सच्चाई यह है कि कितनी और कब संभोग किया जाए, इसके लिए कोई नियम नहीं बनाया जा सकता। यह बात आप अच्छी तरह से समझ लें कि संभोग तो एक शारीरिक भूख है और इसे तभी किया जाना चाहिए, जब स्त्राी पुरूष दोनों इसका पूर्ण आनन्द उठाकर सन्तुष्ट होने की इच्छा मन में रखते हों। […]