Virya Badhane Ke Liye Desi Gharelu Nuskhe

वीर्य बढ़ाने के लिए देसी घरेलू नुस्खे Virya Badhane Ke Liye Desi Gharelu Nuskhe, Virya badhane ke upay मानव जीवन की सबसे बड़ी पूंजी ‘वीर्य’ है। जब तक शरीर में वीर्य स्थिति है, तब तक काल का भय नहीं। पूर्ण वयस्क हुए बिना ‘स्त्री-सेवन’ कदापि नहीं करना चाहिए। यदि संभोगावसरों पर वीर्य थोड़ा या विलम्ब […]

Aandkosh Ki Sujan Ka Desi Ayurvedic Ilaj

अण्डकोष की सूजन का देसी आयुर्वेदिक इलाज Testicle Swelling, Testicle Pain Treatment At Home, Andkosh Ka Ilaj  परिचय- इस रोग में अण्डकोषों के आकार में वृद्धि हो जाती है। लेकिन यहां इस रोग में आकार की वृद्धि का कारण अण्डकोषों में पानी भर जाना(जमा होना) नहीं है, बल्कि ‘अण्डग्रन्थि में सूजन’ होती है। कारण- अण्डग्रन्थि(वृषण) में […]

Aurat Ko Sex Me Jaldi Kaise Khush Kare

औरत को सेक्स में जल्दी कैसे खुश करें How To Impress Lady, How To Impress Wife, How to Satisfy a Woman In Bed, Ladki Ko Discharge Karne Ka Tarika अधिकतर पुरूषों की समस्या होती है, कि वह अपनी पत्नी या फिर महिला साथी को पूरी तरह संतुष्ट नहीं कर पाते। क्योंकि या तो वह शीघ्रपतन के शिकार […]

Masik Dharm Me Dard Door Karne Ke Desi Upay

कष्टरज, कृच्छार्तव, मासिकधर्म कष्ट से आना (Dysmenorrhoea) परिचय- मासिकधर्म आरम्भ होने से कुछ दिन पहले या मासिकधर्म आरम्भ होने के के समय पेण्डू में दर्द आरम्भ होकर तमाम शरीर में दर्द होता है। रोगिणी को कष्ट अधिक होता है। इस प्रकार के कष्ट के साथ होने वाले रजःस्राव को ‘कष्टरज’ कहते हैं। मुख्य कारण- इसके […]

Andkosh Ke Rog Ka Gharelu Upchar Bataye

अण्डकोष के रोग का घरेलु उपचार बतायें अण्डकोष के रोग(Scrotum Diseases) चोट(Injury)- कई बार चोट लग जाने या दब जाने से अण्डकोष को भारि हानि पहुंचती है। चोट लगने पर अण्ड ऊपर खिसक जाने से आघात से बच जाते हैं। चोट लगने से कई बार अत्यधिक रक्त बहने लग जाता है और रूकने में नहीं […]

Menopause Ke Baad Hone Wali Samasya Ke Upay

रजोनिवृत्ति, आर्तवक्षयजन्य विकार, रजान्त विकार (Menopause, Change of Life) परिचय- जब स्त्रियाँ 45 से 60 वर्ष के बीच की आयु की होती हैं, तो प्रत्येक माह में आने वाला मासिकधर्म सदा के लिए बंद हो जाता है। मासिकधर्म सदा के लिए बंद होने को ही ‘रजोनिवृत्ति’ कहते हैं। यह स्त्री के शारीरिक स्वभाव पर निर्भर […]

Masik Dharm Ke Samay Dard Ke Ayurvedic Upay

कष्टरज, मासिक धर्म पीड़ा से आना, कृच्छार्तव, रजःकृच्छता डाइमेनरिह्या(Dysmenorrhoea)- परिचय- मासिकधर्म प्रारम्भ होने से 5-6 दिन पहले कमर, पेडू और पूरे शरीर में बहुत अधिक पीड़ा होती है। पेड़ू में तो ऐसी तीव्र पीड़ा होती है, जो संवेदनशील स्वभाव की रोगिणी चिल्लाकर रोने के लिए बाध्य हो जाती है। स्राव काला आभायुक्त आता है। स्राव […]

Ling La Dhilapan Dur Karne Ka Ayurvedic Ilaj

लिंग की शिथिलता(Looseness of Penis)- लिंग का ढीलापन, पूरी तरह तनाव न आना, बेजान बने रहना इत्यादि लिंग विकार बचपन की गलतियों, अधिक हस्तमैथुन, अत्यधिक मैथुन, अप्राकृतिक मैथुन व अन्य सेक्सुअल प्राॅब्लम के कारण इस प्रकार की समस्या आने लगती है। लिंग में पूरी तरह जोश व तनाव ने आने के कारण व्यक्ति संभोग करने […]

Sujak Rog Ke Liye Desi Ayurvedic Upchar

सुज़ाक, उष्णवात, भृशोष्णवात, मूत्र में पीप आना, आगंतुकमेह, पूयमेह, व्रणमेह गोनोरिहया(Gonorrhea)- परिचय- यह रोग स्त्री से पुरूष को और पुरूष से स्त्री को संभोग द्वारा हो जाता है। कारण- यह ‘नाइजीरिया गोनोरियाई’ नामक जीवाणुओं द्वारा एक से दूसरे को हो जाता है। जो स्त्री या पुरूष इस रोग से ग्रस्त हो जाता है, उसके साथ […]

Yoni Ki Bimari Ka Desi Ayurvedic Upchar

योनि की बीमारी का देसी आयुर्वेदिक उपचार योनि के रोग(Diseases of Vagina) इस रोग में योनि के अंदर श्लैष्मिककला(Mucous Membrane) लाल हो जाती है। यह रोग प्रायः शारीरिक कमजोरी, रक्त में अधिक गर्मी, अतिसंभोग या संभोग से पूर्णतः वर्जित रहना, मासिकधर्म रूक जाना, सुजाक का संक्रमण, प्रसवकाल में तीव्र पीड़ा, गन्दा रहना, खटाई या गर्म(तेज) […]