Hastmaithun Se Hone Wali Bimari

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Hastmaithun Se Hone Wali Bimari

हस्तमैथुन से होने वाली बीमारी

हस्तमैथुन की आदत से क्या हो सकते हैं नुकसान जान लें, ताकि बाद में न हो अफसोस!

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हस्तमैथुन एक ऐसी अप्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसे पुरूष अपनी कामेच्छा की पूर्ति के लिए करता है, वो भी उस परिस्थिति में जब उसके पास अपनी उत्तेजना को शांत करने का कोई विकल्प नहीं होता है जैसे पत्नी या स्त्री। यही स्थिति महिलाओं के साथ भी है, वह भी पुरूष की अनुपस्थिति के कारण स्वयं सेवक बनकर अपनी कामपिपासा को अंगुलियों के माध्यम से या फिर अन्य किसी साधन द्वारा शांत कर लेती हैं।
कभी-कभार माह में एक से दो बार किया गया हस्तमैथुन कोई गलत कार्य नहीं है, किन्तु अधिक बार व लगातार हस्तमैथुन करना हो सकता है गंभीर। जोकि लत के अंतर्गत आ जाती है।

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कैसे पड़ जाती है हस्तमैथुन की लत?

जवानी के जोश में कहो या फिर भूल में आरम्भ में व्यक्ति शौकियातौर पर हस्तमैथुन करता है, किन्तु धीरे-धीरे उसे इसमें इतने आनंद की अनुभूति होने लगती है कि वह कई-कई बार हस्तमैथुन करने लगता है, वो भी बड़े मजे ले-लेकर। फिर यही क्रिया कब उसकी आदत बन जाती है, स्वयं उसे पता नहीं लग पाता। यह ऐसी स्थिति बन जाती है, कि बाद में व्यक्ति चाहकर भी इस आदत से छुटकारा नहीं पा पाता।

कई लोगों में तो यह आदत इतनी प्रबलता का रूप ले लेती है कि उनके मरणोपरान्त ही उन्हें अपनी इस घृणित लत से छुटकारा मिल पाता है।

दरअसल हस्तमैथुन में मस्तिष्क की बहुत बड़ी भूमिका होती है, जिसका मूल आधार दिमागी वासना होती है। यानी व्यक्ति अपने दिमाग में कुछ भी सोचे किसी भी स्त्री के बारे में सोच सकता है, कल्पना कर सकता है, जिस पर किसी का कोई जोर नहीं चल सकता। इसलिए हस्तमैथुन में बहुत आनंद आता है व्यक्ति को। अब क्योंकि सारा खेल दिमागी सोच का है, तो इसलिए मस्तिष्क पर भी काफी जोर पड़ता है।

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आइए अब चर्चा करते हैं कि हस्तमैथुन से होने वाले नुकसान के बारे में..

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1. लगातार हस्तमैथुन करने से लिंग की नसें बेआकार हो जाती हैं, सीधी नहीं रहतीं, बल्कि टेढ़ी-मेढ़ी हो जाती हैं, जिस कारण पूर्ण तनाव की अवस्था में लिंग झुका हुआ महसूस होता है। साथ ही पीड़ा का भी अनुभव होता है। हस्तमैथुन की आदत शीघ्र न छोड़ने से यह ध्यान रखें कि अगर एक बार लिंग में टेढ़ापन आ जाये, तो इसे पुनः सीधा कर पाने का सामथ्र्य दुनियां के किसी भी वैद्य या डाॅक्टर में नहीं है।

2. लिंग में टेढे़पन की वजह हस्तमैथुन होती है और इसी कारण से लिंग की नसें विकृत होकर एक ओर झुक जाती हैं। इसी समस्या के कारण पुरूषों में हर्निया रोग होने की संभावना भी बहुत अधिक बढ़ जाती है।

3. जैसा कि पहले भी बताया गया है कि हस्तमैथुन में सारा खेल ‘कामरूपी’ सोच का होता है और सोच, मस्तिष्क में ही पनपती है। व्यक्ति दिमाग में सोचता है कि वह किसी सुंदर लड़की अथवा स्त्री के साथ सेक्स कर रहा है और उसके निर्वस्त्र अंगों की परिकल्पना करते हुए हस्तमैथुन करके वीर्यपात करवाता है। यह सब सोचने में व्यक्ति के मस्तिष्क में बहुत अधिक जोर पड़ता है, जिससे दिमाग की मांस-पेशियां व नसों में भी भारीपन हो जाता है। इन सभी कारणों से दिमाग कमजोर होने लगता है और व्यक्ति की याददाश्त पर भी प्रभाव पड़ने लगता है।

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4. हस्तमैथुन करने के तुरन्त बाद जब व्यक्ति मूत्र त्याग करता है, तो काफी जलन व कष्ट का अनुभव उसे होता है। पेशाब भी बार-बार लगता है, जिसमें मूत्र का रंग पीला आने लगता है। यह सभी लक्षण किसी नये रोग के आगमन की घंटी भी हो सकती है, इसलिए सावधान रहना अति आवश्यक है। सावधानी में पहला कदम यही उठायें कि हस्तमैथुन छोड़ दें या बहुत ही कम कर दें।

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5. मूत्र मार्ग की नली में हस्तमैथुन की लत से पथरी होने की संभावना अधिक रहती है, इसलिए तुरन्त इस घृणित आदत का परित्याग करें।

उपरोक्त जो भी नुकसान बताये गये हैं, वो हस्तमैथुन करने वाले व्यक्ति में होते ही होते हैं। वैसे भी अति हर चीज की बुरी होती है। हस्तमैथुन यदि सीमित मात्रा में और धैर्य व सावधानी पूर्वक किया जाये तो कोई हर्ज नहीं है, किन्तु बार-बार हस्तमैथुन की आदत पड़ सकती है बहुत भारी।

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