Masik Dharm Me Dard Door Karne Ke Desi Upay

कष्टरज, कृच्छार्तव, मासिकधर्म कष्ट से आना (Dysmenorrhoea) परिचय- मासिकधर्म आरम्भ होने से कुछ दिन पहले या मासिकधर्म आरम्भ होने के के समय पेण्डू में दर्द आरम्भ होकर तमाम शरीर में दर्द होता है। रोगिणी को कष्ट अधिक होता है। इस प्रकार के कष्ट के साथ होने वाले रजःस्राव को ‘कष्टरज’ कहते हैं। मुख्य कारण- इसके […]

Andkosh Ke Rog Ka Gharelu Upchar Bataye

अण्डकोष के रोग का घरेलु उपचार बतायें अण्डकोष के रोग(Scrotum Diseases) चोट(Injury)- कई बार चोट लग जाने या दब जाने से अण्डकोष को भारि हानि पहुंचती है। चोट लगने पर अण्ड ऊपर खिसक जाने से आघात से बच जाते हैं। चोट लगने से कई बार अत्यधिक रक्त बहने लग जाता है और रूकने में नहीं […]

Menopause Ke Baad Hone Wali Samasya Ke Upay

रजोनिवृत्ति, आर्तवक्षयजन्य विकार, रजान्त विकार (Menopause, Change of Life) परिचय- जब स्त्रियाँ 45 से 60 वर्ष के बीच की आयु की होती हैं, तो प्रत्येक माह में आने वाला मासिकधर्म सदा के लिए बंद हो जाता है। मासिकधर्म सदा के लिए बंद होने को ही ‘रजोनिवृत्ति’ कहते हैं। यह स्त्री के शारीरिक स्वभाव पर निर्भर […]

Masik Dharm Ke Samay Dard Ke Ayurvedic Upay

कष्टरज, मासिक धर्म पीड़ा से आना, कृच्छार्तव, रजःकृच्छता डाइमेनरिह्या(Dysmenorrhoea)- परिचय- मासिकधर्म प्रारम्भ होने से 5-6 दिन पहले कमर, पेडू और पूरे शरीर में बहुत अधिक पीड़ा होती है। पेड़ू में तो ऐसी तीव्र पीड़ा होती है, जो संवेदनशील स्वभाव की रोगिणी चिल्लाकर रोने के लिए बाध्य हो जाती है। स्राव काला आभायुक्त आता है। स्राव […]

Ling La Dhilapan Dur Karne Ka Ayurvedic Ilaj

लिंग की शिथिलता(Looseness of Penis)- लिंग का ढीलापन, पूरी तरह तनाव न आना, बेजान बने रहना इत्यादि लिंग विकार बचपन की गलतियों, अधिक हस्तमैथुन, अत्यधिक मैथुन, अप्राकृतिक मैथुन व अन्य सेक्सुअल प्राॅब्लम के कारण इस प्रकार की समस्या आने लगती है। लिंग में पूरी तरह जोश व तनाव ने आने के कारण व्यक्ति संभोग करने […]

Sujak Rog Ke Liye Desi Ayurvedic Upchar

सुज़ाक, उष्णवात, भृशोष्णवात, मूत्र में पीप आना, आगंतुकमेह, पूयमेह, व्रणमेह गोनोरिहया(Gonorrhea)- परिचय- यह रोग स्त्री से पुरूष को और पुरूष से स्त्री को संभोग द्वारा हो जाता है। कारण- यह ‘नाइजीरिया गोनोरियाई’ नामक जीवाणुओं द्वारा एक से दूसरे को हो जाता है। जो स्त्री या पुरूष इस रोग से ग्रस्त हो जाता है, उसके साथ […]

Yoni Ki Bimari Ka Desi Ayurvedic Upchar

योनि की बीमारी का देसी आयुर्वेदिक उपचार योनि के रोग(Diseases of Vagina) इस रोग में योनि के अंदर श्लैष्मिककला(Mucous Membrane) लाल हो जाती है। यह रोग प्रायः शारीरिक कमजोरी, रक्त में अधिक गर्मी, अतिसंभोग या संभोग से पूर्णतः वर्जित रहना, मासिकधर्म रूक जाना, सुजाक का संक्रमण, प्रसवकाल में तीव्र पीड़ा, गन्दा रहना, खटाई या गर्म(तेज) […]